सेरेब्रल पाल्सीः एक गंभीर बीमारी
सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) एक ऐसी बीमारी है जो अधिकतर बच्चों में पाई जाती है और इसका संबंध दिमाग के उस हिस्से से होता है जो शरीर की हरकत और संतुलन को नियंत्रित करता है। यह समस्या तब पैदा होती है जब बच्चे के दिमाग को जन्म से पहले, जन्म के समय या जन्म के तुरंत बाद किसी कारण से नुकसान पहुँचता है। इसके असर से बच्चे के हाथ-पैर सख्त हो सकते हैं, हरकतें ठीक से नहीं हो पातीं, चलने-फिरने में दिक्कत होती है और कभी-कभी बोलने या सीखने में भी परेशानी आती है। यह एक स्थायी स्थिति होती है, लेकिन सही देखभाल से इसके असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सेरेब्रल पाल्सी होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे गर्भावस्था के दौरान कोई संक्रमण होना, बच्चे को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलना, समय से पहले जन्म होना या जन्म के समय कोई जटिलता आ जाना। कभी-कभी दिमाग के सही तरह से विकसित न होने या कुछ आनुवंशिक कारणों से भी यह समस्या हो सकती है। यह कोई छूने से फैलने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि दिमाग की वृद्धि में रुकावट के कारण होती है। इसलिए समय पर पहचान और सही मार्गदर्शन बहुत जरूरी होता है, ताकि बच्चे की स्थिति को बेहतर बनाया जा सके।
सेरेब्रल पाल्सी से बचने के उपाय
फिजियोथेरेपी सेरेब्रल पाल्सी के इलाज में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके जरिए बच्चे की मांसपेशियों को मजबूत बनाया जाता है, शरीर का संतुलन सुधारा जाता है और उसकी चलने-फिरने की क्षमता को बेहतर किया जाता है। अलग-अलग एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग और खास तकनीकों के माध्यम से बच्चे को ज्यादा से ज्यादा आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जाती है। नियमित और सही तरीके से की गई थेरेपी बच्चे के आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती है।
इसके अतिरिक्त भी कई उपाय हैं। जैसे प्रेग्नेंसी के दौरान नियमित रुप से रुटीन चेकअपन कराना, डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सारे कार्य करना, फोलिक एसिड की डोज़ नियमित रुप से लेना आदि।
नवजात बच्चे को पीलिया से बचाने का पूरा प्रयास करना और यदि जन्म के समय पीलिया हो जाए व सही ना हो रहा हो तो तीन दिन के भीतर फोटोथेरेपी कराना। समय पर फोटोथेरेपी कराने से पीलिया दिमाग में चढ़ने से रुक जाता है और सेरेब्रल पाल्सी के चांस कम हो जाते हैं।
बच्चे का ख्याल रखना और उसे हेड इंजरी से बचाने का प्रयास करना। नवजात बच्चे को झकझोरने से बचना चाहिए, बेड या ऊंचे स्थान से गिरे ना इसके लिए पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा समय पर टीके लगवाने से भी सेरेब्रल पाल्सी से बचा जा सकता है। यदि सब उपायों के बावजूद यह बीमारी बच्चे में आ जाती है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेकर फिजियोथेरेपी शुरु कर देनी चाहिए।
याद रहे कोई भी बीमारी से बचाव के लिए सतर्कता सबसे ज़रुरी चीज़ है। यदि हम सतर्क रहें, सावधानी बरतें और डॉक्टर की सलाह अनुसार ही काम करें तो गंभीर से गंभीर बीमारी से बच सकते हैं और अपने बच्चों व परिवार को बचा सकते हैं। जितना अधिक हम सतर्क रहेंगे उतना ही हम इस बीमारी को हरा पाएंगे।
डॉ. निख़अत अली तमन्ना
कंसल्टेंट फिजिथेरेपिस्ट